India Republic Day का यह 77वां समारोह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बनकर आया है। 26 जनवरी 2026 की सुबह कर्तव्य पथ (Kartavya Path) पर जो नजारा दिखा, उसने न केवल देशवासियों का सीना चौड़ा कर दिया, बल्कि पूरी दुनिया को भारत की बढ़ती सैन्य और सांस्कृतिक ताकत का एहसास भी कराया। इस बार का जश्न कई मायनों में ऐतिहासिक रहा—चाहे वह आसमान में वायुसेना का ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन हो या फिर यूरोपीय संघ (EU) के दो दिग्गज नेताओं की बतौर मुख्य अतिथि मौजूदगी।
India Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर ‘वंदे मातरम’ का जयघोष
इस साल के India Republic Day की थीम बेहद खास थी—’150 Years of Vande Mataram’। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरा कर्तव्य पथ इस ऐतिहासिक गीत के रंगों में रंगा नजर आया। परेड के दौरान 1923 में श्री तेजेंद्र कुमार मित्रा द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स को ‘व्यू-कटर्स’ (view-cutters) के रूप में प्रदर्शित किया गया, जो दर्शकों के लिए एक विजुअल ट्रीट थी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लगभग 2,500 कलाकारों ने ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ की थीम पर अपनी प्रस्तुति दी। गुजरात की झांकी ने भी इसी थीम को आगे बढ़ाते हुए स्वदेशी आंदोलन में ‘वंदे मातरम’ की भूमिका को रेखांकित किया।
आसमान में गूंजा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का पराक्रम
इस बार परेड का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय वायुसेना (IAF) का फ्लाईपास्ट रहा। राफेल (Rafale), मिग-29 और सुखोई-30 जैसे लड़ाकू विमानों ने आसमान में ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन बनाकर सभी को चौंका दिया। यह फॉर्मेशन भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को समर्पित था, जो मई में हुए एक बड़े सैन्य अभियान की सफलता का प्रतीक है।
जमीन पर भी भारत की मारक क्षमता का प्रदर्शन देखने लायक था। DRDO द्वारा विकसित ‘सूर्यास्त्र’ (Suryastra) रॉकेट लॉन्चर और लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइल (Long Range Anti-Ship Missile) ने दुनिया को बताया कि भारत रक्षा क्षेत्र में अब पूरी तरह ‘आत्मनिर्भर’ है। इसके अलावा, पहली बार ‘भैरव बटालियन’ (6th Bhairav Battalion) ने भी परेड में हिस्सा लिया, जो भारतीय सेना की नई और घातक यूनिट है।
European Union के दिग्गज बने मुख्य अतिथि
India Republic Day के इतिहास में यह एक दुर्लभ मौका था जब दो बड़े वैश्विक नेता एक साथ मुख्य अतिथि बने। यूरोपीय परिषद (European Council) के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा (Antonio Costa) और यूरोपीय आयोग (European Commission) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) ने इस समारोह की शोभा बढ़ाई। यह भारत और यूरोप के बीच गहरे होते रणनीतिक और व्यापारिक रिश्तों का सबूत है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
एक नज़र: 77वें गणतंत्र दिवस की मुख्य बातें
नीचे दी गई तालिका में India Republic Day 2026 से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को संक्षेप में समझें:
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| समारोह | 77वां गणतंत्र दिवस (77th Republic Day) |
| मुख्य अतिथि (Chief Guests) | एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन (EU Leaders) |
| थीम (Theme) | 150 Years of Vande Mataram |
| मुख्य आकर्षण (Air Show) | IAF का ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन (Sindoor Formation) |
| नया हथियार (New Weapon) | सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर, DRDO एंटी-शिप मिसाइल |
| नई बटालियन | 6th Bhairav Battalion |
| झांकियां (Tableaux) | कुल 30 (17 राज्य/UTs + 13 मंत्रालय) |
राज्यों की झांकियों में दिखी विविधता
परेड में कुल 30 झांकियां शामिल थीं। पंजाब की झांकी ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी वर्ष को श्रद्धांजलि दी, जबकि अन्य राज्यों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया। India Republic Day का यह समारोह न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन था, बल्कि भारत की ‘विविधता में एकता’ (Unity in Diversity) का भी जीता-जागता सबूत था।
अंत में, राष्ट्रपति के अंगरक्षकों (President’s Bodyguards) के साथ बग्गी में आगमन और राष्ट्रगान की धुन ने हर भारतीय के रोंगटे खड़े कर दिए। 2026 का यह गणतंत्र दिवस निश्चित रूप से लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
FAQ: India Republic Day 2026
Q1: 2026 के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि कौन थे?
A: यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस वर्ष के मुख्य अतिथि थे।
Q2: इस बार की परेड की थीम क्या थी?
A: इस बार की मुख्य थीम ‘150 Years of Vande Mataram’ थी।
Q3: ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ क्या है?
A: यह भारतीय वायुसेना द्वारा बनाया गया एक विशेष हवाई फॉर्मेशन था, जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को समर्पित था।
Q4: India Republic Day 2026 में कौन सी नई बटालियन शामिल हुई?
A: इस बार परेड में पहली बार ‘6th Bhairav Battalion’ ने हिस्सा लिया।
Q5: कुल कितनी झांकियां प्रदर्शित की गईं?
A: परेड में कुल 30 झांकियां शामिल थीं, जिनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों की थीं।
















